पोर्टल में अनुभाग
शिकायतें
शिकायत मॉड्यल में आयोग के पास शिकायत दायर करने का एक गेटवे प्रदान किया जाता है। इस मॉड्यूल में 4 अनुभाग हैं जो नागरिकों को सही विकल्प चुनने में सक्षम बनाते हैं। ये अनुभाग इस प्रकार हैं:
शिकायत कब दायर करें
इस अनुभाग में नागरिकों को यह मार्गदर्शन दिया गया है कि वे आरटीआई अधिनियम के तहत शिकायत कब दर्ज कराएं जो एक शिकायत दर्ज कराने के इच्छुक हैं और जो संपर्क में रहना चाहते हैं। उदाहरण के लिए एक व्यक्ति शिकायत तब दायर कर सकता है जब उसे एक शिकायत दर्ज करने के अधिकार के लिए अस्वीकार कर दिया जाए या यदि वह इस बात को मानता है कि एक लोक प्राधिकरण में आरटीआई कार्य व्यवस्था कार्यरत नहीं है या उसे अधूरी, गलत या झूठी जानकारी प्रदान की जाती है।
अपनी शिकायत दायर करें
यह अनुभाग मॉड्यूल का ऐसा भाग है जिसके जरिए एक आवेदक अपनी शिकायत दर्ज करता है। इस वेब आधारित आवेदन में ड्रॉपडाउन मीनू है जिन्हें मंत्रालय /विभाग / लोक प्राधिकरण और अन्य संगत विवरण चुनने में इस्तेमाल किया जा सकता है। इस अनुभाग में आवेदक को अपने विवरण, संपर्क की जानकारी तथा समर्थक दस्तावेजों के विवरण देने होते हैं। इसकी निम्नलिखित विशेषताएं हैं:
- दायर की गई सभी शिकायतों के संबंध में सभी प्रकार की जानकारियों के लिए एकल बिन्दु समाधान।
- सीआईसी ऑनलाइन में शिकायतों को जमा करने के लिए गेटवे।
- स्वयं उत्पन्न होने वाली विशिष्ट पंजीकरण संख्या जिसे नागरिकों द्वारा भावी पत्राचार अथवा ऑनलाइन शिकायत की स्थिति का पता लगाने में उपयोग किया जा सकता है।
- एक नागरिक को अन्य कोई संगत दस्तावेज जमा/अपलोड करने में सक्षम बनाता है जिन्हें वह जमा करने के लिए उपयुक्त पाता है।
- प्रतिवादी की विशेष श्रेणी पर रिपोर्ट तैयार करना जो यह बताती है कि प्रतिवादी वरिष्ठ नागरिक, शारीरिक विकलांग या सामान्य श्रेणी का है।
- नागरिकों को एक वैकल्पिक मीनू प्रदान किया जाता है (अनिवार्य नहीं), जिसे शिकायतों के जनांकिकी वितरण पर एक रिपोर्ट तैयार करने में किया जा सकता है। इस विशेषता से प्राधिकारियों को प्रयोक्ता की रूपरेखा और व्यवहार की समझ पाने में सहायता मिलती है।
- सूचना के इंटरनेट के माध्यम से आदान प्रदान में स्पैम बढ़ती चिंताओं में से एक है, ताकि कम्प्यूटर में इसकी दर को कम किया जा सके और प्रयोक्ता द्वारा भरे गए सत्यापन कोड भी प्रदान किए जा सकें।
- इसमें आगे समीक्षा के लिए ‘’प्रारूप’’ के रूप में शिकायत को सुरक्षित रखने का एक विकल्प है जिसे इच्छानुसार बदला जा सकता है और बाद की तिथि पर इसे अंतिम रूप से जमा किया जा सकता है।
तैयार की गई शिकायत जमा करना
यहां एक शिकायतकर्ता अनंतिम अथवा अंतिम जमा करने से पहले भावी संपादन के लिए पहले से भरे हुए प्रपत्र को पाने हेतु आबंटित अनंतिम शिकायत संख्या को भरता है।
अपनी शिकायत की स्थिति जांचें
इस आवेदन से आवेदक विशिष्ट शिकायत संख्या को लिखकर अपनी शिकायत की स्थिति का पता लगा सकता है, जो उसे आबंटित की गई है। खोज का प्रावधान भी दिया गया है जो शिकायत संख्या भूल जाने पर शिकायतकर्ता को बताया जा सकता है।
दूसरी अपील
यदि अपीलकर्ता को संतोषजनक उत्तर नहीं मिलता है या सीपीआईओ से एक असंतुष्ट, अधूरा उत्तर मिलता है तो वह आयोग में दूसरी अपील दायर कर सकता है। इस मॉड्यूल में भी चार अनुभाग हैं, जो हैं:
अपील कब दायर करें
इस अनुभाग में बताया गया है कि एक अपीलकर्ता कब अपील कर सकता है।
अपनी दूसरी अपील जमा करें
वेब आधारित आवेदन और ड्रॉपडाउन मीनू के माध्यम से अपीलकर्ता संबंधित मंत्रालय / विभाग के विरुद्ध अपनी दूसरी अपील दायर कर सकता है। इस मॉड्यूल में आवेदक से अपने विवरण, संपर्क की जानकारियां, सहायक दस्तावेज आदि पूछे जाते हैं। इसमें निम्नलिखित विशेषताएं हैं:
- जमा की गई अपीलों से संबंधित सभी प्रकार की जानकारी के लिए एकल बिन्दु समाधान
- सीआईसी ऑनलाइन में आवेदन जमा करने के लिए गेटवे
- नागरिकों को मार्गदर्शन प्रदान करता है कि उन्हें एक ‘दूसरी अपील’ कब दायर करनी हैं
- स्वयं उत्पन्न होने वाली विशिष्ट पंजीकरण संख्या जिसे नागरिकों द्वारा भावी पत्राचार अथवा ऑनलाइन शिकायत की स्थिति का पता लगाने में उपयोग किया जा सकता है।
- दूसरी अपील दायर करने की प्रक्रिया में कम्प्यूटर द्वारा आरटीआई आवेदन और दूसरी अपील भरने से संबंधित पिछली सभी जानकारियां जमा की जाती हैं। इस जानकारी को पीआईओ और अपील प्राधिकरण के प्रत्युत्तर के प्रकार के खाते में रखा जाता है क्रमश: सूचना और अपील के लिए अनुरोध के प्रति है। प्रत्युत्तर के प्रकार को चार प्रक्षेत्रों में बांटा जाता है अर्थात कोई उत्तर नहीं, जानकारी देने से मना किया गया, असंतोषजनक उत्तर, आंशिक उत्तर। तदनुसार नागरिक आदेश की प्रति अपलोड कर सकता है। उक्त जानकारी के उपलब्ध होने पर कम्प्यूटर द्वारा समीक्षा की प्रक्रिया में प्राधिकारी को सहायता दी जाती है।
- एक नागरिक को अन्य कोई संगत दस्तावेज जमा / अपलोड करने में सक्षम बनाता है जिन्हें वह जमा करने के लिए उपयुक्त पाता है।
- प्रतिवादी की विशेष श्रेणी पर रिपोर्ट तैयार करना जो यह बताती है कि प्रतिवादी वरिष्ठ नागरिक, शारीरिक विकलांग या सामान्य श्रेणी का है।
- नागरिकों को एक वैकल्पिक मीनू प्रदान किया जाता है (अनिवार्य नहीं), जिसे शिकायतों के जनांकिकी वितरण पर एक रिपोर्ट तैयार करने में किया जा सकता है। इस विशेषता से प्राधिकारियों को प्रयोक्ता की रूपरेखा और व्यवहार की समझ पाने में सहायता मिलती है।
- सूचना के इंटरनेट के माध्यम से आदान प्रदान में स्पैम बढ़ती चिंताओं में से एक है, ताकि कम्प्यूटर में इसकी दर को कम किया जा सके और प्रयोक्ता द्वारा भरे गए सत्यापन कोड भी प्रदान किए जा सकें।
- इसमें आगे समीक्षा के लिए ‘’प्रारूप’’ के रूप में शिकायत को सुरक्षित रखने का एक विकल्प है जिसे इच्छानुसार बदला जा सकता है और बाद की तिथि पर इसे अंतिम रूप से जमा किया जा सकता है।
तैयार की गई अपील जमा करना
यहां एक शिकायतकर्ता अनंतिम अथवा अंतिम जमा करने से पहले भावी संपादन के लिए पहले से भरे हुए प्रपत्र को पाने हेतु आबंटित अनंतिम शिकायत संख्या को भरता है।
अपनी दूसरी अपील की स्थिति जांचें
इस आवेदन से आवेदक विशिष्ट शिकायत संख्या को लिखकर अपनी शिकायत की स्थिति का पता लगा सकता है, जो उसे आबंटित की गई है। खोज का प्रावधान भी दिया गया है जो शिकायत संख्या भूल जाने पर शिकायतकर्ता को बताया जा सकता है।






